ऋषि त्रिवेदी का अखिलेश पर हमला, बोलें- ‘जातिवाद की राजनीति में न उलझें सनातनी’

राज्य की सत्ता हासिल करने का अखिलेश का सपना पूरा नहीं होने वाला

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इंडिन्यूज लाइन, लखनऊ:
अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री सहित अन्य कथावाचकों को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति दर्ज कराया है। साथ ही अखिलेश पर मुस्लिम तुष्टिकरण और हिन्दुओं में जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

अखिलेश यादव का सत्ता पाने का सपना कभी पूरा नहीं होने वाला
राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने सोमवार को कहा कि हिन्दू समाज को जातिवाद की लड़ाई में झोंककर राज्य की सत्ता हासिल करने का सपना देख रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव का कभी पूरा नहीं होने वाला है। श्री त्रिवेदी ने माना कि किसी भी सनातनी की शिखा को काटना बहुत ही निन्दनीय है और ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना जरूरी है, लेकिन कथावाचकों को जातिवाद के तराजू में तौलना कहीं से भी सही नहीं है।

अखिलेश यादव ने इस्लामीकरण को बढ़ावा देने के नाम पर सरकारी धन का जमकर किया दुरूपयोग
ऋषि त्रिवेदी बाबा बागेश्वर धीरेन्द्र शास्त्री पर कथा कहने के लिए धन लेने संबंधी बात कहने पर भी अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया।कहा कि तत्कालीन यूपी सरकार में मुख्यमंत्री रहते हुये अखिलेश यादव ने इस्लामीकरण को बढ़ावा देने के नाम पर सरकारी धन का जमकर दुरूपयोग किया और सपा में आने वाले चन्दे से अपने परिवार के आर्थिक उत्थान का पूरा ध्यान दिया।

दक्षिणा और कथा के धन से गरीब बेटियों का विवाह कराते हैं धीरेंद्र शास्त्री
श्री त्रिवेदी ने कहा कि बागेश्वर धाम धीरेन्द्र शास्त्री हमेशा से कहते आये हैं कि वह दान- दक्षिणा और कथा के लिये मिलने वाले धन से गरीब बेटियों का विवाह, सनातनियों के बेहतर इलाज के लिये हास्पिटल खोलने का काम किया जा रहा है, लेकिन समाजवादी पार्टी के नाम चन्दा लेने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गरीब सनातनियों के लिये ऐसा कौन सा काम किया है कि जिससे उनका उत्थान हुआ है।

जातिवाद की राजनीति करने वाले नेताओं का पूरी तरह बहिष्कार करें- ऋषि त्रिवेदी
श्री त्रिवेदी ने सम्पूर्ण सनातनी समाज खासकर युवाओं से अपील करते हुये कहा कि वह राजनैतिक दलों की जाति राजनीति में उलझ कर अपने भविष्य को दांव पर न लगाये, बल्कि जातिवाद की राजनीति करने वाले नेताओं का पूरी तरह बहिष्कार करें।

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