AAP प्रवक्ता बोले- ‘पाठशाला नहीं मधुशाला बंद करे योगी सरकार’, 2 जुलाई को सड़कों पर भी उतरने का ऐलान

विरोध में 2 जुलाई को प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी AAP

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इंडिन्यूज लाइन, लखनऊ:
आम आदमी पार्टी (AAP) योगी सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूलों को बंद के विरोध में सड़कों पर उतरेगी। यूपी के मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने सोमवार को जारी बयान में इसे तुगलकी फरमान बताया। कहा कि पार्टी इसके विरोध में 2 जुलाई को प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।

शराब की दुकानें खोलकर सरकारी स्कूलों को बंद करने का आरोप
वंशराज दुबे ने बताया कि योगी सरकार 27000 शराब की दुकानें खोलकर 27000 सरकारी स्कूलों को बंद करने जा रही है। 27000 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के फैसले के खिलाफ पूरे प्रदेश के लोगों में गुस्सा है और गांव- गांव में इसके खिलाफ विरोध- प्रदर्शन शुरू हो गया।

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी AAP
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी और योगी सरकार के इस तुगलकी फरमान के खिलाफ 2 जुलाई को प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। वंशराज दुबे ने आंकड़ों के माध्यम से विषय की गंभीरता को बताते हुए कहा कि पिछले 4 सालों में 42 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा छोड़ी है।

1 साल में यूपी में 8 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा छोड़ी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 1 साल में यूपी में 8 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा छोड़ दी, अकेले अलीगढ़ में ही 58000 बच्चों ने सरकारी स्कूल की शिक्षा छोड़ दी। उन्होंने कहा कि 26000 स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं और अब 27000 स्कूल बंद हो रहे हैं, जिसके कारण प्रदेश सरकार न केवल बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है बल्कि इस फैसले से लगभग 1 लाख 35000 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति, 27000 प्रधानाध्यापको की नियुक्ति और हजारों की संख्या में शिक्षामित्र की नियुक्ति भी प्रभावित होगी।

योगी सरकार समस्याओं को सुलझाने की बजाय बच्चों के स्कूलों को ही ख़त्म करने में लगी है
वंशराज दुबे ने कहा की जनता सरकार को इसीलिए चुनती है की सरकार जनता की बेहतरी के लिए काम करें, उनकी समस्याओं को सुलझाएं। लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार समस्याओं को सुलझाने की बजाय बच्चों के स्कूलों को ही ख़त्म करने में लगी है। सरकार तर्क दे रही है कि बच्चे कम आ रहे हैं, सवाल यह है कि बच्चों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी किसकी है? आरटीई एक्ट में लिखा है कि 1 किलोमीटर के दायरे में स्कूल होना चाहिए और अगर आबादी को देखते हुए वहां स्कूल खोला गया है, तो उसे बंद करने का क्या कारण है?

सरकारी स्कूलों को बंद करना शिक्षा के अधिकार का खुला उल्लंघन
वंशराज दुबे ने कहा कि RTE एक्ट के अनुसार 6 से 14 साल तक की उम्र के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान है, इसके उलट 27000 सरकारी स्कूलों को बंद करके प्रदेश की सरकार शिक्षा के अधिकार का खुला उल्लंघन कर रही है।

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