लखनऊ में बाल रोग विशेषज्ञ बोलें- स्कूलों व आस-पास स्नैक्स की बिक्री पर लगे प्रतिबंध, स्नैक्स पर ‘मोटापा कर’ लगाने की भी उठी मांग
स्नैक्स बेचने के लिए कंपनियों को मुफ्त या डिस्काउंट देने का न हो प्रावधान
Indinewsline, Lucknow:
लखनऊ के बाल रोग विशेषज्ञों ने सरकार से स्कूलों में और आस- पास स्नैक्स की बिक्री पर प्रतिबंध और उस पर मोटापा कर लगाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि स्नैक्स बेचने के लिए कंपनियों को मुफ्त या डिस्काउंट देने का प्रावधान न हो। इस तरह प्रावधान तत्काल बंद होने चाहिए। लखनऊ बाल रोग अकादमी द्वारा एक होटल में मोटापे के दुष्प्रभावों पर चर्चा हुई थी। लखनऊ किशोर स्वास्थ्य अकादमी के सहयोग से इसका आयोजन किया गया था।
मोटापे को एक बीमारी के रूप में पहचानना होगा- डॉ. शालिनी भसीन
लखनऊ बाल रोग अकादमी की अध्यक्ष डॉ. शालिनी भसीन ने कहा कि मोटापे को एक बीमारी के रूप में पहचानना होगा और स्कूलों, अभिभावकों और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर एक ऐसा वातावरण बनाने की जरूरत है, जिसमें बच्चों के लिए स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम और कम स्क्रीन टाइम हो।
भोजन को ट्रैफिक लाइट प्रणाली से चुनने की दी जानकारी
बाल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. लोकेश शर्मा ने भोजन को ट्रैफिक लाइट प्रणाली से चुनना की जानकारी साझा की। कहा कि हरा (गो) स्वस्थ, कम कैलोरी वाले फल व् सब्जियां आदि खाद्य पदार्थों को अधिक से अधिक खाएं। पीला (धीमा) मध्यम कैलोरी खाद्य पदार्थों को कभी-कभी खाएं। इनमें मीट, अंडा, डेयरी और लाल (स्टॉप) उच्च कैलोरी वाले शामिल हैं। पिज्जा, बर्गर, शीतल पेय व अन्य अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों को सीमित करें।
घर में सिर्फ घर का बना भोजन हो- डॉ. उत्कर्ष बंसल
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