घुटनों के प्रत्यारोपण के बाद 60 वर्षीय महिला ने लगाई 10 किलोमीटर मैराथन की दौड़

अपोलो अस्पताल में हुआ था दोनो घुटनों का सफल रोबोटिक प्रत्यारोपण

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नई दिल्ली, 12 अक्तूबर
यह कहानी है हौसले, चिकित्सा विज्ञान और नई तकनीक की जीत की। राजधानी में आज आयोजित वेदांता हाफ मैराथन में 60 वर्षीय पल्लवी ने 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर सबको प्रेरित किया। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि दोनों घुटनों के रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी के बाद हासिल की, जो इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली में एक वर्ष पूर्व हुई थी।
यह सफल सर्जरी अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ प्रो. राजू वैश्या और डॉ. अभिषेक वैश की टीम ने की थी। उन्होंने उन्नत रोबोटिक-असिस्टेड तकनीक का प्रयोग किया, जिससे अत्यधिक सटीकता के साथ जोड़ों का संरेखण (alignment) सुनिश्चित हुआ और ऊतक को न्यूनतम क्षति पहुँची।
प्रो. राजू वैश्या ने बताया, “रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण अत्यंत सटीकता के साथ किया जा सकता है, जिससे मरीजों को दीर्घकालिक बेहतर परिणाम और आत्मविश्वास मिलता है।”
डॉ. अभिषेक वैश ने कहा, “यह उपलब्धि साबित करती है कि सही तकनीक, विशेषज्ञ देखभाल और अनुशासित पुनर्वास से मरीज बड़े ऑपरेशन के बाद भी सक्रिय और संतुष्ट जीवन जी सकते हैं।”
पल्लवी, जिन्हें पहले गंभीर घुटनों के दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था, ने ऑपरेशन के बाद एक योजनाबद्ध पुनर्वास कार्यक्रम अपनाया। धीरे-धीरे उन्होंने फिटनेस गतिविधियाँ शुरू कीं और अब मैराथन में भाग लेकर नई मिसाल कायम की है।
दिल्ली मिनी मैराथन 2025 में उनकी भागीदारी न केवल व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि यह रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की बढ़ती सफलता और जीवन गुणवत्ता में सुधार का प्रतीक भी बन गई है।

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