एम्स जोधपुर में संपन्न हुआ अखिल भारतीय चिकित्सा सामाजिक कार्य पेशेवर संघ का 11वां राष्ट्रीय सम्मेलन

रोगी देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं में समाज कार्य की भूमिका पर हुआ गहन विमर्श

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जोधपुर,

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर की चिकित्सा समाज कल्याण इकाई द्वारा आयोजित अखिल भारतीय चिकित्सा सामाजिक कार्य पेशेवर संघ (AIAMSWP) का 11वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित किया गया, जिसका विषय था — “देखभाल की पीढ़ियाँ: स्वास्थ्य सेवा में व्यावसायिक समाज कार्य की विरासत और भविष्य”।

सम्मेलन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में चिकित्सा समाज कार्यकर्ताओं की भूमिका, रोगी देखभाल को सशक्त बनाने और पेशेवर समाज कार्य के बदलते स्वरूप पर चर्चा करना था।

देशभर के 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें 250 से अधिक पंजीकृत प्रतिभागी, 40 से अधिक संकाय सदस्य, 89 छात्र एवं विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के वरिष्ठ पेशेवर शामिल थे। कुल 99 शोध सारांश (Abstracts) प्रस्तुत किए गए।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में एम्स जोधपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. जी.डी. पुरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी उपस्थित रहे। इस अवसर पर AIAMSWP की अध्यक्ष पूनम ढांडा और महासचिव राघवेंद्र कुमार राय ने संस्था की उपलब्धियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

पहले दिन के सत्र में एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल और टीआईएसएस मुंबई की प्रो. डॉ. श्रीलता जुव्वा ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में पैनल चर्चाएँ, अकादमिक सत्र, पोस्टर प्रस्तुतियाँ और वार्षिक आम सभा का भी आयोजन हुआ।

दूसरे दिन विविध संगोष्ठियाँ और शोधपत्र प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा समाज कार्य के अनुसंधान और क्षेत्रीय प्रथाओं पर विचार-विमर्श किया गया। समापन सत्र में AIAMSWP के संरक्षक डॉ. अनिल कुमार गोस्वामी सहित कई गणमान्य अतिथियों ने उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र और पेशेवर योगदान पुरस्कारों से सम्मानित किया।

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